Featured Collections

   Profile
   Blog
   Album
   Kashmiri Writers

Koshur Music

An Introduction to Spoken Kashmiri

Panun Kashmir

Milchar

Symbol of Unity

 
Loading...
 

चलो कुछ ऐसा किया जाए

by Dr. Sushil Fotedar

चलो कुछ ऐसा किया जाए
वक़्त की गर्दिश को
ज़रा पलट सा दिया जाए
हो सकता है
किन्ही भूली यादों का सिलसिला
फिर से शुरू हो जाए

यार छूटे
घर मेरा खंडहर भी हो चुका
पर उफ यह ज़ालिम आस भी क्या है
उन्ही पुरानी तस्वीरों में
रंग भरने का जी अब भी करता है
लोग कहतें हैं
छोड़ चल आगे तो बढ़
देख दुनिया कितनी हसीन है
पर ज़िद तो देखो मेरी नादान ख्वाहिशों की
उसी टूटे आशियाँ की दीवारों के बीच
दोस्तों की महफिलों में
कहकहे लगाने का जी अब भी करता है
शाम गुज़र चुकी रात बस आने को है
एक बात अब मेरी तू मान ले रब
ले चल मुझे एक बार फिर वहीं
अब उसी मिट्टी को चूमके
ख़त्म होने का जी भी करता है

चलो कुछ ऐसा किया जाए
वक़्त की गर्दिश को
ज़रा पलट सा दिया जाए
हो सकता है
किन्ही भूली यादों का सिलसिला
फिर से शुरू हो जाए

چلو کچھ ایسا کیا جائے

چلو کچھ ایسا کیا جائے
وقت کی گردش کو
ذرہ پلٹ سا دیا جائے
ہو سکتا ہے
کنھی بھولی یادوں کا سلسلہ
پھر سے شرو ہو جائے

یار چھوٹے
گھر میرا خندھر بھی ہو چکا
پر اف یہ ظالم اس بھی کیا ہے
انہی پرانی تصویروں مے
رنگ بھرنے کا جی اب بھی کرتا ہے
لوگ کہتے ہیں
چھوڈ چل آگے تو بڑھ
دیکھ دنیا کتنی حسین ہے
پر زد تو دیکھو میری نادان خواہشوں کی
اسی ٹوٹے آشیاں کی دیواروں کے بیچ
دوستوں کی محفلوں مے
کہکہے لگانے کا جی اب بھی کرتا ہے
شام گزر چکی رات بس آنے کو ہے
ایک بات اب میری تو ماں لے رب
لے چل مجھے ایک بار پھر وہیں
اب اسی مٹی کو چومکے
ختم ہونے کا جی بھی کرتا ہے

چلو کچھ ایسا کیا جائے
وقت کی گردش کو
ذرہ پلٹ سا دیا جائے
ہو سکتا ہے
کنھی بھولی یادوں کا سلسلہ

 

JOIN US

Facebook Account Follow us and get Koshur Updates Youtube.com Video clips Image Gallery

 | Home | Copyrights | Disclaimer | Privacy Statement | Credits | Site Map | LinksContact Us |

Any content available on this site should NOT be copied or reproduced

in any form or context without the written permission of KPN.